5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग पर अंतरिम आदेश देने से इनकार किया।
फ़ोटो: Subhashish Panigrahi / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)
राकेश कुमार सिंह की याचिका में आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कुछ फैसले अन्य दो आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।
फ़ोटो: Subhashish Panigrahi / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)
आयोग ने कहा कि विचार-विमर्श में अलग राय सामान्य है और आदेश वैधानिक प्रक्रिया से जारी होते हैं। उसके अनुसार, आयुक्तों के पत्र एक अधिकारी से जुड़े थे, नीति से नहीं।
फ़ोटो: Subhashish Panigrahi / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)
पीठ ने कहा कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से होने चाहिए; सहमति न बने तो बहुमत से। अदालत ने इस चरण में सभी विवादित फैसलों को एकतरफा मानने से इनकार किया।
फ़ोटो: Subhashish Panigrahi / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)
अदालत ने केंद्र, चुनाव आयोग, CEC और दोनों आयुक्तों से जवाब मांगा। सुनवाई की पूरी जानकारी और पक्षों के तर्क मूल रिपोर्ट में पढ़ें।
फ़ोटो: Subhashish Panigrahi / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)
खबर से आगे। नज़रिए के साथ।
पूरी जानकारी और संदर्भ के लिए मूल रिपोर्ट पढ़ें।