घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार, 6 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी दिन खरीदारी देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत उछलकर 73,067.81 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 220.35 अंक (0.98 प्रतिशत) चढ़कर 22,776.10 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है जब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति बुधवार, 7 अक्टूबर को ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाने वाली है।
इससे एक दिन पहले, सोमवार 5 अक्टूबर को सेंसेक्स 472.77 अंक की बढ़त के साथ 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक चढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ था। उस दिन की बढ़त से बाजार में लगातार चार सत्रों से चल रही गिरावट थमी थी। सितंबर में बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी।
किन शेयरों में रही हलचल
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, मंगलवार को बीएसई पर ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस और इंडिगो बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में रहे, जबकि टेक महिंद्रा, टाइटन, आईटीसी, इंफोसिस और टीसीएस पर दबाव दिखा। बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 1.08 और 1.56 प्रतिशत चढ़े। सेक्टरों में फार्मा और केमिकल सूचकांक आगे रहे, वहीं आईटी सूचकांक सबसे ज्यादा कमजोर रहा।
ANI की रिपोर्ट में बाजार विश्लेषक विपिन डिक्सेना के हवाले से कहा गया कि इसे फिलहाल राहत भरी रिकवरी माना जाना चाहिए, न कि रुझान में पक्का बदलाव। उनके मुताबिक ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है, रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 96.4 तक फिसल गया है और विदेशी निवेशक अब भी बिकवाली कर रहे हैं। ये कारक तेजी को सीमित कर सकते हैं।
RBI से क्या उम्मीदें हैं
RBI की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 अक्टूबर से चल रही है। गवर्नर संजय मल्होत्रा 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे फैसले की घोषणा करेंगे और दोपहर 12 बजे मीडिया से बात करेंगे। अगस्त में हुई पिछली बैठक में समिति ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था और नीतिगत रुख ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा था।
इस बार कई अर्थशास्त्री ब्याज दर बढ़ने की संभावना जता रहे हैं। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने अक्टूबर और दिसंबर की बैठकों में 25-25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी के अपने अनुमान को दोहराया है, जिससे रेपो रेट 5.75 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई थी, जो जुलाई में 4.45 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत रही।
अगर समिति रेपो रेट बढ़ाती है तो यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी होगी। रेपो रेट बढ़ने पर बैंक अगर इसका असर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, तो बाहरी बेंचमार्क से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। अंतिम फैसला 7 अक्टूबर को समिति के आकलन पर निर्भर करेगा।
फ़ोटो: Niyantha Shekhar / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY 2.0)


