मुख्य सामग्री पर जाएँ
खबर से आगे। नज़रिए के साथ।
हिंदी
धर्म

शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्टूबर को घटस्थापना, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ पूरी होगी। द्रिक पंचांग के अनुसार दिल्ली में घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक है।

मिट्टी के कलश पर आम के पत्ते और चावल से भरे पात्र में जलता दीया, पास में पूजा सामग्री से भरी थाली
प्रतीकात्मक तस्वीर। फ़ोटो: Abhya2022 / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)

मां दुर्गा की आराधना का नौ दिन का पर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से आरंभ होगा। द्रिक पंचांग में नई दिल्ली के लिए दिए गए समय के अनुसार उस दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना के लिए शुभ समय सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक है। अगर कोई श्रद्धालु इस दौरान पूजा आरंभ न कर पाए, तो उसके लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। पर्व का समापन 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी के साथ होगा।

इस बार कई लोगों के मन में यह दुविधा थी कि पर्व 10 अक्टूबर से शुरू होगा या 11 अक्टूबर से। पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 10 अक्टूबर को रात 9:19 बजे लगेगी और अगले दिन यानी 11 अक्टूबर को रात 9:30 बजे तक रहेगी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक परंपरा में रात के वक्त कलश बैठाना ठीक नहीं माना जाता, जबकि 11 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय के वक्त प्रतिपदा मौजूद रहेगी, जिसे उदया तिथि कहा जाता है। इसी आधार पर घटस्थापना 11 अक्टूबर की सुबह होगी।

नवरात्रि से ठीक पहले पितृ पक्ष पूरा होगा। आजतक की रिपोर्टों के अनुसार 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध के बाद 27 सितंबर से शुरू हुआ पितृ पक्ष 10 अक्टूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। इसके अगले दिन से देवी उपासना का पर्व शुरू हो जाएगा।

किस दिन होगी किस स्वरूप की पूजा

आजतक के नवरात्रि कैलेंडर के मुताबिक पहले दिन 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा होगी। इसके बाद 12 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी, 13 को मां चंद्रघंटा, 14 को मां कूष्मांडा, 15 को मां स्कंदमाता, 16 को मां कात्यायनी और 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि की आराधना की जाएगी। तिथियों में फेरबदल के कारण इस बार महाअष्टमी और महानवमी का मुख्य पूजन एक ही दिन, 19 अक्टूबर, सोमवार को होगा। द्रिक पंचांग के अनुसार दिल्ली में अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक है, इसलिए अष्टमी और नवमी के संधिकाल में होने वाली संधि पूजा भी इसी दिन पड़ेगी।

दशहरा यानी विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता में यह दिन असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। देश के कई हिस्सों में इसी दिन रावण दहन होता है और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

ध्यान रहे कि ऊपर बताए गए मुहूर्त दिल्ली के समय के हिसाब से हैं। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार हर शहर में सूर्योदय का समय अलग होने से मुहूर्त में कुछ मिनटों का फर्क आ सकता है। अष्टमी-नवमी की तिथि के मामले में भी अलग-अलग पंचांगों में थोड़ा अंतर संभव है, इसलिए श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र के पंचांग या स्थानीय पुरोहित से समय की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।

नवरात्रि को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी धाम में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के खास इंतजाम किए गए हैं। मान्यता के अनुसार इन नौ दिनों में भक्त व्रत रखते हैं, कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाते हैं और हर दिन देवी के एक अलग स्वरूप की उपासना करते हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर। फ़ोटो: Abhya2022 / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0)

और खबरें